केंद्र ने मजदूरों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य जांच योजना शुरू की

नई दिल्ली, भारत – केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने नई योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि समय पर स्वास्थ्य जांच से गंभीर बीमारियों को रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविरों में जो मरीजों का पता चलेगा, उनका इलाज और दवाइयां ESIC (कर्मचारी राज्य बीमा निगम) की सुविधाओं के माध्यम से मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी।
मांडविया ने आगे कहा, “स्वास्थ्य जांच के जरिये हम मजदूरों की स्वास्थ्य समस्याओं को प्रारंभिक स्तर पर पहचान सकते हैं, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा और वे स्वस्थ रहेंगे।” यह पहल मुख्यतः उन मजदूरों के लिए है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिनके लिए नियमित स्वास्थ्य जांच संभव नहीं होती।
ESIC की ओर से बताया गया है कि इस योजना के तहत विभिन्न श्रमिक क्षेत्रों में नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएंगे, जहां मधुमेह, रक्तचाप, टीबी, हृदय रोग सहित अन्य गंभीर बीमारियों के लिए जांच की जाएगी। इस पहल से न केवल मजदूर स्वस्थ रहेंगे, बल्कि उनके परिवारों को भी आर्थिक रूप से सहायता मिलेगी, क्योंकि गंभीर बीमारियों का समय पर पता चलने से उपचार में आसानी होगी और खर्च कम होगा।
मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा की पहुंच को व्यापक बनाना और बीमारी के स्तर को कम करना है। इसके तहत मोबाइल क्लीनिक, स्वास्थ्य शिविर और स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों को सक्रिय किया जाएगा ताकि सभी मजदूरों तक सेवाएं पहुंच सकें। मंत्री ने मजदूर समुदाय से अपील की कि वे इस योजना का भरपूर लाभ उठाएं और नियमित स्वास्थ्य जांच कराना न भूलें।
विशेषज्ञों का भी कहना है कि इस तरह की पहल श्रमिक वर्ग के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि वे अक्सर अपनी बीमारी को नजरअंदाज कर देते हैं और इलाज में देरी कर देते हैं, जिससे बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। केंद्र सरकार की यह नई योजना इसलिए काफी स्वागत योग्य है क्योंकि यह सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।



