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गुरुग्राम में दो महिलाओं ने मंदिर विवाह का दावा किया, परिवारों से सुरक्षा की मांग की

गुरुग्राम, हरियाणा।

गुरुग्राम में दो महिलाओं ने मंदिर में विवाह का दावा कर परिवारों से सुरक्षा की मांग की है। दोनों महिलाओं ने अधिकारियों को बताया कि उन्हें अपने रिश्तेदारों से जान का खतरा महसूस हो रहा है, जिसके कारण उन्होंने सुरक्षा हेतु आवेदन किया है।

स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों महिलाओं की शिकायत मिलते ही मामले की जांच शुरू कर दी गई है। महिलाएं अपने-अपने परिवारों द्वारा उत्पीड़न और धमकियों का सामना कर रही हैं। इस स्थिति में वे सुरक्षा के लिए पुलिस और प्रशासन से मदद मांग रही हैं।

पुलिस अधिकारियों ने कहा, “हम दोनों महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव उपाय कर रहे हैं। उनकी सुरक्षा हमारे लिए प्राथमिकता है।” उन्होंने यह भी बताया कि मामला संवेदनशील होने के कारण इसे गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द न्याय मिलने का प्रयास किया जाएगा।

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस प्रकार के मामले बढ़ रहे हैं, जहां महिलाओं को अपने परिवारों से प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। वे प्रशासन से अनुरोध कर रहे हैं कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

मंदिर में विवाह का दावा करने वाली इस जोड़ी का कहना है कि उन्होंने यह कदम सामाजिक दबावों और पारिवारिक मनमुटाव के कारण उठाया है। उनका कहना है कि उन्हें पूरे समाज से समर्थन की जरूरत है ताकि वे अपने जीवन को सुरक्षित और सम्मानजनक बना सकें।

इस मामले को लेकर गुरुग्राम पुलिस द्वारा एक बयान जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि वे मामलों का त्वरित और न्यायसंगत समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही, उन्होंने महिलाओं को प्रोत्साहित किया है कि वे किसी भी तरह की धमकी या उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें।

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे इस मामले में अफवाहों और गलत सूचना का प्रसार न करें, ताकि सामाजिक शांति बनी रहे। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी पक्षों की सुरक्षा और न्याय दिलाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

यह मामला सामाजिक विमर्श को भी जन्म दे रहा है, जहां परिवारों और समुदायों में परंपरागत सोच के साथ तालमेल बैठाना एक चुनौती बन गया है। महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को इस घटना ने एक बार फिर रेखांकित किया है।

आने वाले दिनों में इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, यह ध्यान रखने योग्य होगा, क्योंकि यह न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा का सवाल है बल्कि सामाजिक न्याय और समानता की भी कसौटी है।

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