अगले बॉस ने एंट्री-लेवल नौकरियों में ‘नाटकीय’ गिरावट की चेतावनी दी

लंदन, इंग्लैंड – ब्रिटेन के प्रमुख वाणिज्यिक अधिकारी लॉर्ड वुल्फसन ने बीबीसी को बताया कि एंट्री-लेवल नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धा पिछले दो वर्षों में दोगुनी हो गई है, जिससे शुरुआती करियर में नौकरी पाना युवाओं के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया है।
लॉर्ड वुल्फसन ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद रोजगार बाजार में काफी बदलाव आया है। अब कंपनियों में एक ही पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की संख्या पहले से दोगुनी हो गई है, जिससे नौकरियां पाने की प्रतिस्पर्धा और भी तीव्र हो गई है।
उन्होंने कहा, “पिछले दो सालों के मुकाबले आज जो भी युवा नौकरी के लिए आवेदन कर रहे हैं, उनकी संख्या दोगुनी हो गई है। यह एक बड़ी चुनौती है, खासकर उन के लिए जो अभी करियर की शुरुआत कर रहे हैं।”
वुल्फसन ने यह जानकारी वह तब दी जब उन्होंने युवा बेरोजगारों के लिए रोजगार नीतियों पर चर्चा की। उनका मानना है कि युवाओं को रोजगार पाने के लिए अधिक कौशल और अनुभव की जरूरत है, जो कि उन्हें उपलब्ध नौकरियों से मेल खाना चाहिए।
रोजगार विशेषज्ञों की राय भी इससे मिलती-जुलती है। उनका कहना है कि एंट्री-लेवल नौकरियों में गिरावट और प्रतिस्पर्धा में वृद्धि के पीछे कई कारण हैं, जिनमें आर्थिक मंदी, तकनीकी बदलाव और महामारी के प्रभाव शामिल हैं।
इस समय रोजगार बाजार में युवाओं को न केवल उच्च योग्यता के साथ आवेदन करना पड़ता है, बल्कि उन्हें अपने कौशल को निरंतर अपडेट करना भी आवश्यक हो गया है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि युवा अपने आप को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों और इंटर्नशिप का फायदा उठाएं।
सरकारी नीतियों में भी अब युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही है ताकि वे काम के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
समाज और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए यह आवश्यक है कि युवा वर्ग के लिए रोजगार के बेहतर अवसर सुनिश्चित किए जाएं ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें और देश की प्रगति में योगदान दे सकें।



