स्वास्थ्य

जैसे-जैसे लू बढ़ रही है, भारत के आशा कार्यकर्ता भुगत रहे हैं भारी कीमत

लखनऊ, उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश से हरियाणा तक, भारत के फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मी अत्यधिक गर्मी के बीच बीमार हो रहे हैं और वेतन में देरी, कम वेतन तथा सुरक्षा के अभाव जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं। आशा कार्यकर्ता खासकर इस मौसमी संकट का सामना कर रहे हैं, जो देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित कर रहा है।

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, इस साल की गर्मी सामान्य से कहीं अधिक तीव्र और लंबी रही है, जिससे स्वास्थ्यकर्मियों पर दबाव बढ़ गया है। यूपी और हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि अत्यधिक गर्मी में घर-घर जाकर स्वास्थ्य सेवाएं देने के कारण वे शारीरिक कमजोरी और बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। इसके बावजूद वेतन में लगातार विलंब और उचित सुरक्षा उपकरणों की कमी ने उनकी समस्या और गहरी कर दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि फ्रंटलाइन वर्कर्स का स्वस्थ रहना न केवल उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य प्रणाली के सुचारु संचालन के लिए भी आवश्यक है। इस प्रकार की लू के दौरान उचित जलयोजन, विश्राम एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना चाहिए।

उत्तर प्रदेश के कई आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे अक्सर बिना कोई सुरक्षा उपकरण पहने घातक गर्मी में काम करते हैं जिससे उनका स्वास्थ्य डगमगाने लगता है। माता-पिता, छोटे बच्चे और बुजुर्गों के लिए जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना उनकी जिम्मेदारी होती है, जो अत्यधिक तनाव और थकान से जुड़ी है।

सरकारी अधिकारियों ने आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं को समझते हुए बेहतर वेतन भुगतान, सुरक्षा उपकरण और स्वास्थ्य संबंधी उपायों के लिए कदम उठाने का आश्वासन दिया है। वहीं कई सामाजिक संगठनों ने भी इन मुद्दों को उजागर कर राहत योजनाओं और व्यापक जागरूकता अभियानों की मांग की है।

भारत जैसे देश में, जहां ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मी हैं, उनकी भलाई पर ध्यान देना किसी भी सार्वजनिक स्वास्थ्य रणनीति का अनिवार्य हिस्सा होना चाहिए। यह न केवल उनके व्यक्तिगत अधिकारों का सम्मान करता है बल्कि बेहतर स्वास्थ्य परिणामों को भी सुनिश्चित करता है। आने वाले वर्षों में अधिक प्रभावी नीतियों के साथ आशा कार्यकर्ताओं की स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

Source

Related Articles

Back to top button