चेन्नई में जॉयराइड घोड़े की संक्रामक पशु रोग से मौत; तमिलनाडु में अलर्ट जारी

चेन्नई, तमिलनाडु: शहर में एक जॉयराइड घोड़े की मौत के बाद तमिलनाडु सरकार ने उच्च-संक्रामक जूोनोटिक बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए अलर्ट मोड जारी कर दिया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के केंद्र ने राज्य सरकार को तुरंत संक्रमण वाले घोड़ों के आसपास रखे सभी घोड़ों کو आइसोलेट करने और उनकी निगरानी करने की सलाह दी है। साथ ही, प्रभावित क्षेत्र के आसपास के इलाकों में परीक्षण करने की भी सिफारिश की गई है।
यह बीमारी मनुष्यों और पशुओं दोनों में फैल सकती है, इसलिए स्थिति को गंभीरता से लिया जा रहा है। ICAR केंद्र के विशेषज्ञों ने कहा है कि संक्रामक रोग के प्रसार को रोकने के लिए घोड़ों की आवाजाही पर सख्त नियम लगाने की आवश्यकता है। इसके तहत तमिलनाडु सरकार ने राज्य के अंदर और बाहर घोड़ों की आवाजाही को नियंत्रित करने का निर्णय लिया है।
सरकार ने संबंधित जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे घोड़े पालने वाले फार्मों, राइडिंग स्कूलों, और घोड़ा दौड़ के मैदानों पर नियमित जांच और साफ-सफाई सुनिश्चित करें। चिकित्सा विभाग और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी मिलकर घोड़ों के स्वास्थ्य की लगातार मॉनिटरिंग करेंगे।
संक्रमण और वायरस की गंभीरता
जानकारी के अनुसार, यह रोग अत्यधिक संक्रामक है और सांस के माध्यम से तेजी से फैल सकता है। घोड़े की मौत की पुष्ट रिपोर्ट आने के बाद ही तमिलनाडु सरकार गंभीरता से निपट रही है। ICAR केंद्र के मुताबिक, आसपास के क्षेत्रों में तुरंत जांच से संक्रमण का क्षरण होगा।
राज्य सरकार ने जनता से अपील की है कि वे घोड़ों के संपर्क में आने से बचें और जो भी अनियमितताएं हों, उनकी सूचना संबंधित अधिकारियों को तुरंत दें। घोड़ों के व्यापार, आयोजन और मनोरंजन से जुड़े सभी कार्यक्रमों को फिलहाल रोक दिया गया है।
अगले कदम
- राज्य भर में विशेष निगरानी केंद्र बनाए जा रहे हैं।
- संक्रमित और संदिग्ध घोड़ों के लिए आइसोलेशन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
- सभी घोड़ों के लिए स्वास्थ्य जांच अनिवार्य होगी।
- अंतर्राज्यीय घोड़ा परिवहन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई है।
तमिलनाडु सरकार के पशु संसाधन विभाग ने चेतावनी दी है कि बीमारी की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सभी फार्म, राइडिंग क्लब और संबंधित संस्थान अपनी पूरी सक्रियता दिखाएं। राज्य में जल्द से जल्द स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर जागरूकता गतिविधियां भी तेज की जाएंगी।
यह कदम न केवल पशुओं के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं बल्कि मानव स्वास्थ्य को भी बचाने के लिए आवश्यक हैं। ICAR और तमिलनाडु सरकार के बीच समन्वय और त्वरित कार्रवाई संक्रमण के प्रसार को रोकने में अहम भूमिका निभा रही है।



