स्वास्थ्य

स्थानीय स्तर पर इबोला फैलने का खतरा अधिक, लेकिन वैश्विक स्तर पर कम: डब्ल्यूएचओ

किनशासा, कांगो डेमोक्रेटिक रिपब्लिक – विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बुधवार को कहा कि पूर्वी कांगो में फैल रहे दुर्लभ इबोला वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए सहायता प्रयासों को तीव्र किया गया है। WHO ने चेतावनी दी है कि यह प्रकोप महीनों तक जारी रह सकता है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य संकट बढ़ सकता है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि फेस मास्क और कीटनाशक पदार्थों की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है, जिससे साधारण नागरिकों के लिए अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना मुश्किल हो गया है। स्थानीय बाजारों में संक्रमण की आशंका के बीच ये वस्तुएं तेजी से महंगी हो रही हैं।

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि इबोला का यह प्रकार दुर्लभ है और इसकी रोकथाम व उपचार के लिए विशेष सावधानियां जरूरी हैं। संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन बढ़ाने का भी आग्रह किया है ताकि प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा सके।

कांगो की सरकार और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने मिली-जुली कोशिशों के तहत संक्रमण को नियंत्रित करने के उपाय तेज किए हैं। उन्होंने वायरस से प्रभावित लोगों के लिए चिकित्सीय सुविधाओं का विस्तार किया है और जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया है।

WHO के एक अधिकारी ने बताया, “हम इस प्रकोप की गंभीरता को समझते हैं। हमारी प्राथमिकता संक्रमितों का इलाज करना और संक्रमण को फैलने से रोकना है। हमें उम्मीद है कि इन प्रयासों से स्थिति जल्द नियंत्रण में आ जाएगी।”

हालांकि WHO ने यह भी स्पष्ट किया कि इस वक्त इबोला के फैलने का जोखिम स्थानीय स्तर पर अधिक है, लेकिन वैश्विक स्तर पर फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। फिर भी उन्होंने सतर्कता डिग्री ऊंची रखने की सलाह दी है क्योंकि संक्रमण का माहौल तेजी से बदल सकता है।

यह प्रकोप विश्व स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चुनौती बन गया है, विशेषकर तब जब कोविड-19 महामारी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता, समय पर चिकित्सा सेवा और सरकारी सहयोग से इस संकट पर काबू पाया जा सकता है।

स्थानीय लोग भी सरकार द्वारा जारी सतर्कता संदेशों का पालन कर रहे हैं, जिसमें भीड़-भाड़ वाले स्थानों से बचाव, नियमित रूप से हाथ धोने और व्यक्तिगत सुरक्षा साधनों का उपयोग शामिल है। इसके अलावा, अस्पताल और क्लीनिकों में सुरक्षा प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू किया जा रहा है।

अंततः, WHO, सरकार और स्थानीय समुदायों के संयुक्त प्रयासों से ही पूर्वी कांगो में इस दुर्लभ इबोला प्रकोप को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया जा सकेगा। इससे न केवल लोगों की जान बचेगी, बल्कि स्वास्थ्य प्रणाली की स्थिरता भी बनी रहेगी।

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