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सरकार ने वर्ष के अंत तक 16 वर्ष से कम उम्र के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध लागू करने का संकल्प लिया

नई दिल्ली, भारत

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री लिज केंडल ने बीबीसी को बताया कि सरकार इस गर्मी में सोशल मीडिया पर 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए नए नियमों पर अपनी प्रतिक्रिया प्रकाशित करेगी। यह कदम बच्चों को ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

मंत्री के अनुसार, यह प्रतिक्रिया पिछले वर्ष की परामर्श प्रक्रिया के बाद तैयार की जा रही है, जिसमें विभिन्न हितधारकों ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी। इस योजना के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को सख्त नियमों का पालन करना होगा, ताकि कम उम्र के उपयोगकर्ताओं की निजता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

हालांकि, सरकार ने अभी तक इस प्रस्ताव के विस्तृत नियमों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रतिबंध बच्चों को गलत सामग्री से बचाने और ऑनलाइन उत्पीड़न को कम करने में मदद करेगा।

मंत्री लिज केंडल ने कहा, “हम पूरे देश के बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसीलिए हम जल्द से जल्द प्रभावी नियम बनाना चाहते हैं जिसे सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म लागू कर सकें।”

सोशल मीडिया कंपनियों की ओर से भी इस योजना का स्वागत किया गया है, पर वे इस बात पर जोर दे रहे हैं कि नियम व्यावहारिक और तकनीकी रूप से लागू होने योग्य हों। विशेषज्ञ बताते हैं कि सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग ने बच्चों की मानसिक और सामाजिक सुरक्षा को नए खतरे में डाल दिया है, इसलिए यह कदम समय की मांग है।

सरकार का यह कदम वैश्विक स्तर पर बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बीते कुछ वर्षों में उठाए गए अन्य कदमों के साथ मेल खाता है। कई विकसित देशों ने पहले ही 16 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए इंटरनेट और सोशल मीडिया की पहुंच सीमित कर दी है।

इस बीच, माता-पिता, शिक्षक और बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्थाएं भी इस पहल का समर्थन कर रही हैं और उनसे बेहतर सुरक्षा उपायों की उम्मीद जताई जा रही है।

सरकार ने कहा है कि आगामी प्रतिक्रिया दस्तावेज़ में नियमों की पूरी रूपरेखा और लागू करने की योजना का विस्तार होगा, जिससे सभी नागरिकों को स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

इस नई नीति के तहत, सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को कड़े नियंत्रण और निगरानी तंत्र स्थापित करना होगा ताकि कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया का उपयोग सुरक्षित बनाया जा सके।

जैसे-जैसे सरकार इस दिशा में आगे बढ़ेगी, यह देखना दिलचस्प होगा कि सोशल मीडिया कंपनियां और उपयोगकर्ता इसके प्रति कैसे प्रतिक्रिया देंगे और इसका बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

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