अगर आप लंबे जीवित हैं, तो स्वस्थ भी रहिए, कहते हैं गोपीचंद

नई दिल्ली, भारत
भारतीय बैडमिंटन के पूर्व खिलाड़ी और राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच पी.वी. गोपीचंद ने हाल ही में अपनी किताब ‘द लॉन्जेविटी कोड’ के जरिए लंबे जीवन के साथ स्वस्थ जीवन जीने के महत्व पर जोर दिया है। यह पुस्तक उन्होंने चिकित्सक-विज्ञानी डॉ. सोफिया पात्रि के साथ मिलकर लिखी है। गोपीचंद का कहना है कि अच्छा स्वास्थ्य और दीर्घायु साथ-साथ चलते हैं, और जीवन की गुणवत्ता भी उतनी ही अहम होती है जितना जीवन की अवधि।
गोपीचंद ने बातचीत में बताया कि खेल जीवन में अनुशासन, सही आहार और नियमित व्यायाम से हम न केवल लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं, बल्कि अपने शरीर और मस्तिष्क को भी स्वस्थ रख सकते हैं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि बैडमिंटन सहित किसी भी खेल में टिकाऊ सफलता के लिए स्वास्थ्य का सबसे बड़ा योगदान होता है।
‘द लॉन्जेविटी कोड’ में उन्होंने विज्ञान आधारित तरीकों पर भी प्रकाश डाला है, जिनसे शरीर की कोशिकाओं को संरक्षित किया जा सकता है तथा उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा किया जा सकता है। डॉ. सोफिया पात्रि के साथ मिलकर तैयार इस पुस्तक में अपेक्षित जीवनकाल बढ़ाने के लिए खान-पान, मानसिक स्वास्थ्य, खेलकूद और जीवनशैली में बदलाव के सुझाव दिये गए हैं।
गोपीचंद के अनुसार वर्ष 2024 में भारत में स्वास्थ्य और फिटनेस को लेकर जागरूकता बढ़ी है, लेकिन अभी भी बहुत से लोग केवल जीवन की लंबाई पर ध्यान केंद्रित करते हैं, न कि जीवन की गुणवत्ता पर। उनके अनुभवों और शोधों के आधार पर उन्होंने किताब लिखी है जिससे कि अधिक से अधिक लोग स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और जीवन का वास्तविक आनंद उठा सकें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी इस पुस्तक की प्रशंसा की है और इसे एक व्यवहारिक मार्गदर्शिका कहा है जो सामान्य जनता के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। दीर्घायु कोड के माध्यम से गोपीचंद ने समाज को संदेश दिया है कि लंबा जीवन व्यर्थ नहीं होना चाहिए बल्कि वह स्वस्थ और सक्रिय होना चाहिए।
यह पुस्तक देश के कई पुस्तक मेलों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है और इसे पढ़कर स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद की जा रही है। गोपीचंद का मानना है कि फिटनेस और दीर्घायु दोनों मिलकर ही जीवन को सार्थक बनाते हैं।



