फेरारी ने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों को टक्कर देने के लिए लुसे के साथ कदम बढ़ाया, लेकिन विरोध शुरू हो गया

मिलान, इटली – विश्वप्रसिद्ध लक्जरी कार निर्माता फेरारी ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक वाहन (EV) ‘लुसे’ को लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रतिस्पर्धात्मक बाजार में जगह बनाना था। हालांकि, इस कदम की गहन आलोचना हुई है, और कई विशेषज्ञ और प्रशंसक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि क्या फेरारी अपनी मूल परंपराओं से दूर हो रही है।
फेरारी ने अपनी दीर्घकालिक ब्रांड छवि को उच्च प्रदर्शन वाले पेट्रोल इंजन वाली सुपरकारों के रूप में स्थापित किया है। हालांकि वैश्विक वातावरणीय नियमों और इलेक्ट्रिक वाहन बाजार के विस्तार के चलते, फेरारी ने भी इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख किया है। कंपनी के पहले पूर्णतया इलेक्ट्रिक मॉडल लुसे को इस वर्ष की शुरुआत में पेश किया गया, जो खासतौर पर चीन के बढ़ते EV बाजार को ध्यान में रख कर तैयार किया गया है।
लेकिन, इस पहल के बाद, फैन्स और बेहद अनुभवी ऑटोमोबाइल समीक्षकों ने कहा है कि लुसे में वह दौर कहानी नहीं है जो फेरारी की वाहनों को विशेष बनाती है। कई लोगों का यह भी मानना है कि फेरारी अपने मूल खेल साधनों और उच्च प्रदर्शन वाली विशेषताओं को त्याग रही है, और यह बदलाव ब्रांड के लिए नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। सोशल मीडिया पर



