मध्यम तीव्रता का भूकंप हिमाचल के जिलों में आया, पड़ोसी राज्यों में भी महसूस हुए झटके

धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश। देर रात करीब 10:04 बजे हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा और चंबा जिलों के सीमा क्षेत्र के पास धरमसाला से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। मौसम विज्ञान कार्यालय के अनुसार, इस भूकंप की गहराई लगभग 5 किलोमीटर थी और इसका केंद्र धरम गोडोई कांगड़ा के पास था।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा कि भूकंप के कारण किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की रिपोर्ट नहीं मिली है। हालांकि, आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने अचानक तेज झटकों का अनुभव किया और कई लोगों में भय व्याप्त हो गया।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, यह भूकंप मध्यम तीव्रता का था और इसका प्रभाव सीमित क्षेत्र तक ही सीमित रहा। पड़ोसी राज्यों में भी इसका अनुभव हुआ, जहां कुछ इलाकों में हल्के झटके महसूस किए गए। क्षेत्रीय अधिकारियों ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और त्वरित जांच के लिए सतर्क रहने को कहा है।
भूकंप को लेकर राजकीय आपदा नियंत्रण कक्ष सक्रिय हो गया है और विशेषज्ञ टीमों ने स्थिति का मूल्यांकन शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने जनता से आग्रह किया है कि वे अफवाहों से बचें और सरकारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
हिमाचल प्रदेश भूकंप संवेदनशील क्षेत्र में आता है, इसलिए यहां समय-समय पर इस प्रकार के भूकंपीय गतिविधियां दर्ज होती रहती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, कांगड़ा घाटी तथा आसपास के क्षेत्र में भूगर्भीय दरारें विद्यमान हैं, जो समय-समय पर भूकंप का कारण बनती हैं। जनता से अपील की गई है कि वे भूकंप के समय सुरक्षात्मक कदमों को अपनाएं और आपात स्थिति के लिए तैयार रहें।
इस घटना से पहले भी हिमाचल प्रदेश में कई बार हल्के से मध्यम भूकंप आ चुके हैं, जिनसे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। प्रशासन की ओर से लोगों को अलर्ट और सुरक्षित रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।
भूकंप के प्रति सजग रहना और सावधानी बरतना ही किसी आकस्मिक स्थिति में सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है। स्थानीय अधिकारी तथा सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।



