दिल्ली उच्च न्यायालय ने सलमान खान की याचिका पर ‘काला हिरन’ निर्माताओं को नोटिस जारी किया

दिल्ली, दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने लोकप्रिय अभिनेता सलमान खान की याचिका पर फिल्म ‘काला हिरन’ के निर्माताओं को नोटिस जारी किया है। सलमान खान की ओर से पेश हुए अधिवक्ता निजाम पासा ने अदालत में बताया कि इस फिल्म का एक पोस्टर 29 मई को जारी किया गया था, जिसमें वह व्यक्ति दिखाई दे रहा है जो सलमान खान के बेहद समान है, विशेष रूप से उनकी पहनी हुईBracelet को देखकर ऐसा लगता है कि यह पोस्टर अभिनेता सलमान खान का अनधिकृत रूप प्रस्तुत करता है।
निजाम पासा ने न्यायालय को बताया कि इस पोस्टर में अभिनेता की पहचान को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिससे सलमान खान के अधिकार और छवि को नुकसान पहुंच सकता है। याचिका में अनुरोध किया गया है कि इस पोस्टर को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए और निर्माताओं को इस संबंध में उचित कानूनी कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाए।
न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्माताओं को नोटिस जारी किया है और उन्हें जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने कहा है कि इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यानपूर्वक सुना जाएगा ताकि उचित न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
सलमान खान की प्रसिद्धि और उनकी फिल्मों को देखते हुए किसी भी अनधिकृत सामग्री या उनकी छवि के गलत उपयोग से उन्हें आर्थिक और नैतिक नुकसान हो सकता है। इसीलिए अभिनेता एवं उनकी टीम इस मामले को लेकर कड़ा रुख अपना रही है।
जानकारी के अनुसार, ‘काला हिरन’ फिल्म का यह पोस्टर सोशल मीडिया सहित कई सार्वजनिक मंचों पर जारी किया गया था, जिससे उनके प्रशंसक और आम जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई है। इसके बाद सलमान खान के प्रतिनिधियों ने कानूनी कदम उठाने का निर्णय किया।
यह मामला मनोरंजन उद्योग में कलाकारों की छवि सुरक्षा और उनके अधिकारों के महत्व को पुनः प्रकाश में लाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों से यह संदेश जाता है कि कलाकारों की अनुमति के बिना उनकी पहचान या छवि का उपयोग नहीं किया जा सकता।
अब अदालत से उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में कोई स्पष्ट आदेश देगा जो कि दोनों पक्षों के हितों को सुरक्षित रखेगा। सलमान खान की ओर से यह याचिका न्यायालय में इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि इससे भविष्य में कलाकारों की छवि के दुरुपयोग की घटनाओं पर रोक लग सकती है।
इस मामले की अगली सुनवाई तारीख पर होगी, जिसमें निर्माता अपनी तरफ से जवाब पेश करेंगे और अदालत इस पूरे विषय की विवेचना करेगी। फिलहाल, दिल्ली उच्च न्यायालय ने मामले में संज्ञान ग्रहण करते हुए उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।



